कुछ ख्वाब थे जो
याद हैं,
कुछ ख्वाब थे जो
टूट गए |
कुछ लम्हें सजाए थे
दिल में,
इक पल में
ही यों छूट
गए |
डूब रहा हूँ
, पर फिर भी
,
दिल में अजब
सा करार है
|
मेरी साँस को थमने के
लिए,
इक साँस का इंतज़ार है
|
धुंधला सा जो कुछ भी रहा,
सब पानी सा अब साफ़
|
बड़ी राह ताकी हैं वही,
क्या यही वो इत्तेफ़ाक़
है |
देखना था बस पास से,
जो नज़रों से भी पार
है |
मेरी साँस को थमने
के लिए,
बस इक साँस का इंतज़ार
है |
आज तमस भरी इस रात
में,
इक तारे को तम से लड़ते
देखा |
बड़ा खुश हुआ इस प्रयास से,
उस तारे को तम में
बढ़ते देखा |
इस रूह में भी वो है
बस गया,
बस बाकी उसका दीदार
है |
इस साँस को थमने के
लिए ,
इक साँस का इंतज़ार
है |
बड़े राज़ खुल रहे हैं
आज,
बस इक राज़ बाकी रहने
दो |
थक चुका है ये कंठ
मेरा,
आज आंसुओं को कहने
दो |
बड़ा थक चुका हूँ भागकर,
बयाँ कर दो जो भी सार
है |
मेरी साँस को थमने
के लिए,
बस इक साँस का इंतज़ार
है |
आज लड़ रहा हूँ शब्दों
से,
इक पन्ना कोरा रह गया
|
बस समझ लेना इस नाचीज़
को,
कलम से लिखना जो रह
गया |
ऐ खुद मेरी खातिर,
काफी तेरा ये प्यार
है |
मेरी इक इक साँस को,
बस इक साँस का इंतज़ार
है |
मेरी साँस को थमने के
लिए,
बस इक साँस का इंतज़ार
है |
loved it
ReplyDelete<3
Thnq dear . . .
Deletereally nice
ReplyDeleteThnq brother . . .
DeleteNic....��
ReplyDeleteThnq so mch bhai . . .
Deletegreat one brother..keep it up
ReplyDeleteThnq dear . . .
Deletebhai asm lines and very heart touching...........
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