रज़ामंदी Posted by Maninder Singh on April 18, 2017 Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps ऐ दिल चल इक रज़ामंदी करते है . . . न मैं बोलूं, चुप तू भी हो जाना | भूल मैं जाऊं, याद तू भी न दिलाना | राज़ आँखों में बरसों से, छिपे जो भी थे, न मैं ढूँढू, उन्हें तू भी न जताना | ऐ दिल चल इक रज़ामंदी करते हैं . . . . - मनिंदर सिंह Comments
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