ऐ ख़ुदा

ऐ ख़ुदा, ये मुझे क्या हो गया है ?

तू पास है फिर भी दिल उदास है,
तेरे रहमोकरम की हरपल आस है|
तुझे कभी मैं भूलकर भी ना भूलूँ,
पर तुझे याद करने की अज़ब सी प्यास है|

तू हरदम साथ है फिर भी कुछ कमी है,
इस सुहानी ज़िन्दगी में ग़मों की नमी है|
कभी कभी लगता है कुछ है ही नही मेरे पास,
बस यों उम्रभर चलने के लिए सिर्फ तेरी यह ज़मीन है|

तेरी इस धुन का तू ही संगीतकार है,
इस धुन बिना मानो ज़िन्दगी ही अन्धकार है|
और तोहफे में ऐ ख़ुदा तुझसे और क्या मांगू,
मेरी ज़िन्दगी तो बस सिर्फ तेरा ही प्यार है. . . . . . .

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